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जहाँ आतें खुलती हैं, उसे गुदा द्वार कहते हैं – जहाँ से मल बाहर निकलता है। गुदा द्वार के आस पास छोटे बाल होते हैं जो अक्सर नितम्बों के बीच फ़ैले होते हैं।गुदा द्वार एक संवेदनशील क्षेत्र होता है, इसीलिए कई लोग इसे सेक्स में सम्मिलित करते हैं। सेक्स के समय व्यक्ति अपने साथी के गुदा द्वार को सहला सकते हैं, या फिर हस्तमैथुन (मास्टरबेशन) के समय अपने गुदा द्वार को सहला या रगड़ सकते हैं।

गुदा द्वार पर, मुख या जीभ का इस्तेमाल भी, कई लोगों को अच्छा लग सकता है। कुछ लोगों को गुदा द्वार में लिंग या उंगली का प्रवेश आनन्ददायक लगता है। इसे गुदा मैथुन (एनल सेक्स) कहते हैं।

यदि व्यक्ति गुदा मैथुन को सेक्स में सम्मिलित करना चाहते हैं तो उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए की गुदा द्वार के क्षेत्र को सौम्य साबुन और पानी से साफ़ कर लें।

कुछ लोग गुदा मैथुन से पहले आँतों को साफ़ करने के लिए एनिमा या (लैक्सेटिव सपोसिटरी) जिसे बत्ती भी कहा जाता है, का उपयोग करना पसंद कते हैं, जिससे उंगली या लिंग पर मल न लग जाए।

गुदा मैथुन के दौरान प्रचुर मात्रा में जल-आधारित चिकनाई युक्त पदार्थ (वाटर बेस्ड लूब्रीकेंट) का उपयोग करने से लिंग आसानी से गुदा द्वार में जा सकता है। तेल-आधारित चिकनाई युक्त पदार्थ (आयल बेस्ड लूब्रीकेंट) का उपयोग ना करें, क्योंकि यह कण्डोम को खराब कर सकता है और इसलिए यौन संचारित संक्रमण से बचाव नहीं हो पाता है।

संक्रमण
लड़कियों को यह ध्यान रखना होगा की वे अपने गुदा द्वार को छूने के बाद अपने योनि द्वार को न छुएं। यदि उनके साथी गुदा मैथुन कर रहे हों तो ध्यान रखें की वे लिंग को गुदा द्वार से निकाल कर सीधे योनि द्वार में न डाल दें।

ऐसा करने से आँत क्षेत्र के जीवाणु योनि में प्रवेश कर सकते हैं और मूत्राशय में संक्रमण हो सकता है या फिर, यौन संचारित रोग हो सकता है।

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